हरिद्वार। बुग्गावाला थाने में शुक्रवार को उस समय भावनात्मक माहौल बन गया, जब करीब 80 वर्षीय एक बुजुर्ग थाने पहुंचते ही प्रभारी निरीक्षक को देखकर फफक पड़ा। बुजुर्ग ने रोते हुए कहा—“साहब, दो दिन से भूखा हूं… पहले खाना खिलाओ, फिर बात करूंगा।” बुजुर्ग की हालत देखकर पुलिस अधिकारी भी सकते में आ गए।
थाना प्रभारी निरीक्षक भगवान महर उस समय थाना परिसर में शिकायतें सुन रहे थे। इसी दौरान दुबला-पतला, कांपते कदमों से चलता एक बुजुर्ग उनके पास आ खड़ा हुआ। जब प्रभारी निरीक्षक ने समस्या पूछी तो बुजुर्ग की आंखें भर आईं। दोबारा पूछने पर वह बोल पड़ा—“दो दिन से कुछ खाया नहीं… पहले खाना और चाय दे दो साहब।”
बुजुर्ग की बात सुनकर प्रभारी निरीक्षक ने तुरंत पुलिसकर्मियों को आदेश दिया कि उसे भरपेट भोजन और चाय उपलब्ध कराई जाए। कुछ ही देर में पुलिसकर्मी खाना लेकर पहुंच गए। थाना प्रभारी ने अपनी निगरानी में बुजुर्ग को खाना खिलवाया। जैसे ही उसने भोजन किया, उसके चेहरे पर मानो जीवन लौट आया।
भोजन के बाद बुजुर्ग ने बताया कि उसका बेटा उसका ध्यान नहीं रखता, समय से भोजन नहीं देता, और उल्टा डांट-फटकार कर चुप करा देता है। कई-कई बार उसे भूखे ही रहना पड़ता है।
बुजुर्ग की पीड़ा सुनकर थाना प्रभारी भी हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत उसका नाम-पता नोट किया और उसके स्वजनों को थाने बुलाया। पुलिस ने पूरे परिवार की काउंसलिंग कर स्थिति समझाई और बुजुर्ग की देखभाल की जिम्मेदारी का महत्व बताया।
काउंसलिंग के बाद परिवार के सदस्य बुजुर्ग को खुशी-खुशी अपने साथ घर ले गए।
