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    हरिद्वार में चौंकाने वाला ट्रेंड — शादीशुदा लोग भी ‘लिव-इन’ के लिए कर रहे आवेदन - janwani express

हरिद्वार। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद राज्य में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत हरिद्वार तहसील में आवेदन आने शुरू हुए हैं, लेकिन यहां एक हैरान करने वाला ट्रेंड सामने आया है। अब सिर्फ अविवाहित प्रेमी जोड़े ही नहीं, बल्कि शादीशुदा पुरुष और महिलाएं भी किसी तीसरे साथी के साथ लिव-इन में रहने की अनुमति मांग रहे हैं।

तहसील प्रशासन के अनुसार, अब तक कुल 13 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 5 आवेदन पहले से शादीशुदा लोगों द्वारा किए गए हैं। ये व्यक्ति अपने पति या पत्नी के रहते हुए किसी दूसरे पार्टनर के साथ रहना चाहते थे। एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि कानूनी नियमों के अनुसार, ऐसे सभी आवेदनों को रद्द कर दिया गया है, क्योंकि विवाह बंधन में रहते हुए किसी अन्य व्यक्ति के साथ लिव-इन में रहना कानून मान्य नहीं है। वहीं अविवाहित दो जोड़ों को लिव-इन रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी गई है।

सिर्फ तहसील हरिद्वार ही नहीं, जिले में 40 से अधिक लिव-इन आवेदन जमा हो चुके हैं, जिनमें 18 जोड़े बिना शादी के साथ रह रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शादीशुदा लोगों के आवेदन बढ़ने के पीछे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, वैवाहिक विवाद, तलाक की इच्छा तथा अलग रहकर दूसरा रिश्ता बनाने की चाहत मुख्य कारण हो सकते हैं।

कानून के मुताबिक, लिव-इन रजिस्ट्रेशन केवल अविवाहित या कानूनी रूप से स्वतंत्र व्यक्तियों को ही मिल सकता है। यानी जब तक किसी की शादी कानूनी रूप से खत्म नहीं होती, वह किसी नए पार्टनर के साथ लिव-इन में रहने के लिए आवेदन नहीं कर सकता। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और किसी भी प्रकार की गलतफहमी या दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

📌 विशेष नोट: यूसीसी लागू होने के बाद, लिव-इन रिलेशनशिप को भी वैधानिक संरक्षण मिला है, ताकि समाज में पारदर्शिता और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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