हरिद्वार/लक्सर। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लक्सर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में सैनी समाज पर दांव लगाने की संभावनाएं भी जोर पकड़ रही हैं। इस बीच दायित्वधारी राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आ रहा है।
वर्तमान में दायित्वधारी राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी को इस सीट पर सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उनकी दावेदारी के पीछे सबसे बड़ा कारण उनका स्वजातीय वोट बैंक है। क्षेत्र में सैनी समाज की अच्छी खासी संख्या है और अनुमान के मुताबिक करीब 21 हजार वोटों है और इसी वोट बैंक पर मजबूत पकड़ मानी जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लक्सर सीट पर जीत के लिए सामाजिक समीकरण बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यदि भाजपा सैनी समाज पर दांव लगाती है, तो श्यामवीर सैनी का नाम स्वाभाविक रूप से सबसे आगे आता है। पिछले कुछ समय में उनकी क्षेत्र में सक्रियता और जनसंपर्क अभियान भी तेज हुए हैं, जिससे उनकी दावेदारी और चुनाव लड़ने की मंशा साफ झलकती है
वहीं, पार्टी संगठन के स्तर पर भी श्यामवीर सैनी की पकड़ को मजबूत माना जाता है। 40 वर्ष से अधिक समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस से जुड़े होने और 25 साल संघ मे जिला कार्यवाह के दायित्व निर्वहन का अनुभव एवं कार्यकर्ताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता और संगठनात्मक अनुभव उन्हें अन्य संभावित दावेदारों से आगे रखता है।

आपको बता दे की श्यामवीर सैनी लंबे समय लक्सर से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लक्सर से ही टिकट की दावेदारी की थी। हालांकि 2012 में पार्टी ने उन्हें विधानसभा कलियर में उम्मीदवार बनाया था जिसमें उन्होंने 22 हजार वोट मिले थे, मात्र 1800 वोट के अंतर से चुनाव हार गए थे। जानकार बताते हैं कि उसे दौरान के कुछ पार्टी लाइन के लोगो ने ही नुकसान दिया था।
हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को ही लेना है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लक्सर में भाजपा सैनी समाज पर दांव लगाने की चर्चा और श्यामवीर सैनी की दावेदारी आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है।
नोट: यह खबर केवल भाजपा द्वारा सैनी समाज से किसी उम्मीदवार पर दांव लगाने की संभावनाओं को लेकर एक विश्लेषण रिपोर्ट है। इसमें व्यक्त विचार विश्लेषक के निजी आकलन पर आधारित हैं।


