हरिद्वार। प्रदेश भर में गन्ना मूल्य घोषणा ना होने पर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य बढ़ाकर ₹400 प्रति क्विंटल कर दिया है, जबकि उत्तराखंड में अभी तक मूल्य की घोषणा नहीं हुई है। प्रदेशभर की चीनी मिलें पेराई सत्र शुरू कर चुकी हैं और किसान बिना मूल्य तय हुए ही गन्ना बेचने को मजबूर हैं। इस असमंजस की स्थिति पर कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।

कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने गन्ना किसानों के समर्थन में बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की है। वह 30 नवंबर को ग्राम बादशाहपुर से सुल्तानपुर तक ट्रैक्टर-बुग्गी चेतना यात्रा निकालेंगी। उनका कहना है कि सरकार किसानों की मेहनत का सम्मान नहीं कर रही और उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है। विधायक अनुपमा रावत ने तंज करते हुए कहा, “कैसी डबल इंजन या ट्रिपल इंजन सरकार है यह? जो किसान सबका पेट भरता है, वही सरकार के पास मूल्य घोषित करने के लिए कुछ नहीं बचा है।”

विधायक अनुपमा रावत ने मांग की कि उत्तराखंड सरकार गन्ने का रेट कम से कम ₹500 प्रति क्विंटल घोषित करे। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में जब भाव घोषित हो चुके हैं तो उत्तराखंड में देरी क्यों? उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि अगर 29 नवंबर तक सरकार निर्णय नहीं लेती, तो कांग्रेसजन ट्रैक्टर-बुग्गी यात्रा निकालकर सरकार को चेताएंगे।
वहीं, कई किसान संगठनों ने भी ₹400 से अधिक गन्ना मूल्य की मांग तो उठाई है, लेकिन इस बार मुद्दे पर कोई भी किसान संगठन फिलहाल बड़ा संघर्ष करते दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि सरकार आखिर कब तक और कितना गन्ना मूल्य घोषित करेगी।


